हर किसी ना किसी के घर में परिवार का कोई इंसान गुजर जाता है, इसकी वजह कई हो सकती है, हर किसी ना किसी के घर में परिवार का कोई इंसान गुजर जाता है, इसकी वजह कई हो...
ख़ुशी-ख़ुशी उसे अपना लो, फिर घर की तरह, उसे भी संभालो। ख़ुशी-ख़ुशी उसे अपना लो, फिर घर की तरह, उसे भी संभालो।
इंसानों आँखो ही आँखों मे भविष्य के सुनहरे सपने देखता है, जिंदगी भर ना जाने क्यों इसी इंसानों आँखो ही आँखों मे भविष्य के सुनहरे सपने देखता है, जिंदगी भर ना जाने क्...
मौत ही शास्वत है इस दुनिया में मौत ही हमारा सच दोस्त मान लो मौत ही शास्वत है इस दुनिया में मौत ही हमारा सच दोस्त मान लो
धन दौलत जागीर से बोल तू क्या पायेगा चढ़ता सूरज धीरे धीरे ढलता है ढल जायेगा। धन दौलत जागीर से बोल तू क्या पायेगा चढ़ता सूरज धीरे धीरे ढलता है ढल जायेगा।
आसान कब है जिंदगानी हर मोड़ पर भेडिया खड़ा है। आसान कब है जिंदगानी हर मोड़ पर भेडिया खड़ा है।